Wednesday, December 19, 2018

बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, निफ्टी 10,900 के पार

सप्‍ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबर में सेंसेक्‍स में 200 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई लेकिन आखिरी घंटे में 77 अंक मजबूत होकर 36,347 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी भी बढ़त के साथ 10,909 के स्तर पर रहा. बता दें कि शुरुआती कारोबार में निफ्टी 56 अंक टूटकर 10,832 के स्‍तर पर आ गया था. आखिरी घंटे में खरीददारी बढ़ने से शेयर बाजार में यह तेजी आई है.

बैंक शेयरों के अलावा फार्मा और मेटल शेयरों में अच्छी खरीददारी रही. टॉप गेनर्स में सन फार्मा, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, वेदांता, एशियन पेंट, एलएंडटी, एसबीआईएन, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और कोटक बैंक हैं. जबकि लूजर्स वाले प्रमुख शेयर हीरो मोटोकॉर्प, टीसीएस, ओएनजीसी और एचडीएफसी हैं.

रुपये में रिकवरी

इससे पहले मंगलवार के कारोबार में रुपये में रिकवरी दर्ज की गई. कारोबार के शुरू में रुपया 22 पैसे मजबूत होकर 71.33 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला. वहीं सोमवार को रुपया 71.55 प्रति डॉलर के स्‍तर पर बंद हुआ था.

पिछले सप्‍ताह ऐसा रहा हाल

बता दें कि बीते सप्‍ताह आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 35 अंक बढ़त के साथ 35,963  के स्‍तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 10, 805 पर रहा. गुरुवार को सेंसेक्स में 150.57 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और 35,929.64  के स्‍तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 53.95 अंकों की तेजी के साथ 10,791.55 पर बंद हुआ. बुधवार को सेंसेक्स 629 अंक बढ़कर 35779 के स्तर पर बंद हुआ. मंगलवार को सेंसेक्‍स 190 अंकों की बढ़त के साथ 35,150 के स्‍तर पर बंद हुआ. हालांकि सोमवार को सेंसेक्‍स 713.53 अंक यानी 2 फीसदी टूटकर 34,959.72 के स्‍तर पर रहा .

सीपीएम सांसद ई करीम ने 500 रूपये और एक हजार रुपये के पुराने नोट वापस लेने, नष्ट करने और नये नोट जारी करने पर रिजर्व बैंक की ओर से खर्च की गयी धनराशि साथ ही नोटबंदी के दौरान बैंकों में नोट बदलने वालों की लाइन में लगे लोगों की मौत का ब्योरा मांगा था. इसके जवाब में जेटली ने बताया कि रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद नये नोटों की छपाई पर हुआ व्यय अपनी लेखा रिपोर्ट में अलग से नहीं दर्शाया है.

सरकार की ओर से बताया गया कि नोटबंदी से पहले 2015-16 में नोटों की छपाई पर 34.21 अरब रुपये खर्च हुये थे जबकि 2016-17 में यह राशि 79.65 अरब रुपये और 2017-18 में 49.42 अरब रुपये थी. उन्होंने नोटबंदी से उद्योग और रोजगार पर पड़े असर का कोई अध्ययन कराने के सवाल पर कहा कि सरकार ने इस संबंध में कोई विशिष्ट अध्ययन नहीं कराया है.

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन देते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था. इसके बाद से 1000 और 500 के नोटों की वैधता खत्म हो गई थी. फैसले के बाद बैंकों में नए कैश की काफी किल्लत रही और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोटबंदी के दौरान कैश के लिए लाइनों में लगने की वजह से हुए हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

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